Tarachakra

27 नक्षत्र · 27/27

रेवती नक्षत्र

27 जन्म नक्षत्रों में 27वां, मीन राशि में। स्वामी ग्रह बुध, अधिदेवता पूषा, पोषण करने वाले और यात्रियों के मार्गदर्शक, प्रतीक मछली या ढोल।

राशि
मीन
स्वामी ग्रह
बुध17 वर्ष की दशा
देवता
पूषा, पोषण करने वाले और यात्रियों के मार्गदर्शक
गण
देव
योनि
हाथी (गज)
नाड़ी
अंत्य (कफ)
रज्जु
पाद
प्रतीक
मछली या ढोल

रेवती का स्वभाव

अंतिम नक्षत्र रेवती सुरक्षित यात्रा का नक्षत्र है। इसके जातक कोमल, देखभाल करने वाले और रक्षा करने वाले होते हैं, और जानवरों, यात्रियों और हर भटके हुए के प्रति उनके मन में ख़ास लगाव होता है। वे कल्पनाशील और अक्सर कलात्मक होते हैं। इसकी देन करुणा है; परंपरा इससे कहती है कि अपनी रक्षा भी करे।

ये इस नक्षत्र से जुड़ी पारंपरिक विशेषताएं हैं। आपमें ये कैसे दिखेंगी, यह आपकी पूरी कुंडली, ख़ासकर लग्न और ग्रहों पर निर्भर करता है।

चार चरण

हर नक्षत्र चार चरणों (भागों) में बंटा होता है। चरण से आपकी नवांश राशि तय होती है और परंपरा के अनुसार आपके नाम का पहला अक्षर भी।

चरणराशिनवांशनामाक्षर
1मीनधनुदे
2मीनमकरदो
3मीनकुंभचा
4मीनमीनची

विवाह मिलान में रेवती

गुण मिलान में रेवती से देव गण, हाथी (गज) योनि और अंत्य (कफ) नाड़ी आती है। एक ही नाड़ी (कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाती, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण) वाले वर-वधू को नाड़ी में 0 अंक मिलते हैं, जिसे नाड़ी दोष कहते हैं, जब तक उसका परिहार न हो।

दक्षिण भारतीय पोरुथम में रेवती पाद रज्जु में है, अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल के साथ; एक ही रज्जु के भीतर के मिलान बहुत सावधानी से जांचे जाते हैं।

उत्तरा भाद्रपद7/1034/36
अनुराधा7/1027/36
मूल7/1026.5/36
पूर्वाषाढ़ा6/1029.5/36
उत्तरा फाल्गुनी6.5/1023.5–25.5/36
पूर्वा भाद्रपद7/1018–29.5/36
मिलान जांचें

सवाल-जवाब

रेवती नक्षत्र किस राशि में है?

रेवती मीन राशि में आता है।

रेवती नक्षत्र का स्वामी कौन है?

रेवती का स्वामी बुध है, इसलिए इसमें जन्मे लोगों का जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है, जो 17 वर्ष की अवधि है। इसके अधिदेवता पूषा, पोषण करने वाले और यात्रियों के मार्गदर्शक हैं।

रेवती के गण, योनि और नाड़ी क्या हैं?

रेवती देव गण, हाथी (गज) योनि और अंत्य (कफ) नाड़ी का नक्षत्र है। विवाह मिलान में इनकी तुलना की जाती है।

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