Tarachakra

27 नक्षत्र · 13/27

हस्त नक्षत्र

27 जन्म नक्षत्रों में 13वां, कन्या राशि में। स्वामी ग्रह चंद्र, अधिदेवता सविता, सूर्य की सृजन शक्ति, प्रतीक हाथ।

राशि
कन्या
स्वामी ग्रह
चंद्र10 वर्ष की दशा
देवता
सविता, सूर्य की सृजन शक्ति
गण
देव
योनि
भैंसा (महिष)
नाड़ी
आदि (वात)
रज्जु
कंठ
प्रतीक
हाथ

हस्त का स्वभाव

हस्त कुशल हाथ का नक्षत्र है। इसके जातक चतुर, साधन-संपन्न और हाथ के काम में निपुण होते हैं, चाहे शिल्प हो, उपचार हो या व्यापार। वे हाज़िरजवाब, व्यावहारिक होते हैं और जल्दी समझ जाते हैं कि कोई काम कैसे किया जा सकता है। परंपरा उनसे कहती है कि अपनी चतुराई उन्हीं बातों में लगाएं जो सच में मायने रखती हैं।

ये इस नक्षत्र से जुड़ी पारंपरिक विशेषताएं हैं। आपमें ये कैसे दिखेंगी, यह आपकी पूरी कुंडली, ख़ासकर लग्न और ग्रहों पर निर्भर करता है।

चार चरण

हर नक्षत्र चार चरणों (भागों) में बंटा होता है। चरण से आपकी नवांश राशि तय होती है और परंपरा के अनुसार आपके नाम का पहला अक्षर भी।

चरणराशिनवांशनामाक्षर
1कन्यामेषपू
2कन्यावृषभष
3कन्यामिथुनण
4कन्याकर्कठ

विवाह मिलान में हस्त

गुण मिलान में हस्त से देव गण, भैंसा (महिष) योनि और आदि (वात) नाड़ी आती है। एक ही नाड़ी (अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, ज्येष्ठा, मूल, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद) वाले वर-वधू को नाड़ी में 0 अंक मिलते हैं, जिसे नाड़ी दोष कहते हैं, जब तक उसका परिहार न हो।

दक्षिण भारतीय पोरुथम में हस्त कंठ रज्जु में है, रोहिणी, आर्द्रा, स्वाती, श्रवण, शतभिषा के साथ; एक ही रज्जु के भीतर के मिलान बहुत सावधानी से जांचे जाते हैं।

मृगशिरा7.5–8.5/1026–33/36
रेवती8.5/1027.5/36
पुष्य6/1028/36
उत्तरा भाद्रपद6/1026.5/36
पूर्वा फाल्गुनी7/1022.5/36
आश्लेषा6.5/1023/36
मिलान जांचें

सवाल-जवाब

हस्त नक्षत्र किस राशि में है?

हस्त कन्या राशि में आता है।

हस्त नक्षत्र का स्वामी कौन है?

हस्त का स्वामी चंद्र है, इसलिए इसमें जन्मे लोगों का जीवन चंद्र की महादशा से शुरू होता है, जो 10 वर्ष की अवधि है। इसके अधिदेवता सविता, सूर्य की सृजन शक्ति हैं।

हस्त के गण, योनि और नाड़ी क्या हैं?

हस्त देव गण, भैंसा (महिष) योनि और आदि (वात) नाड़ी का नक्षत्र है। विवाह मिलान में इनकी तुलना की जाती है।

← उत्तरा फाल्गुनीEnglishதமிழ்മലയാളംचित्रा →