चित्रा का स्वभाव
चित्रा रत्न और शिल्पी का नक्षत्र है। इसके जातकों की सौंदर्य और डिज़ाइन पर गहरी नज़र होती है और वे कला, फ़ैशन, भवन-निर्माण या इंजीनियरिंग में चमकने वाली चीज़ें रचना पसंद करते हैं। वे आकर्षक व्यक्तित्व वाले होते हैं और चाहते हैं कि लोग उन पर ध्यान दें। उन्हें ध्यान रखना है कि चमक जितना ही महत्व सार को भी दें।
ये इस नक्षत्र से जुड़ी पारंपरिक विशेषताएं हैं। आपमें ये कैसे दिखेंगी, यह आपकी पूरी कुंडली, ख़ासकर लग्न और ग्रहों पर निर्भर करता है।
चार चरण
हर नक्षत्र चार चरणों (भागों) में बंटा होता है। चरण से आपकी नवांश राशि तय होती है और परंपरा के अनुसार आपके नाम का पहला अक्षर भी।
| चरण | राशि | नवांश | नामाक्षर |
|---|---|---|---|
| 1 | कन्या | सिंह | पे |
| 2 | कन्या | कन्या | पो |
| 3 | तुला | तुला | रा |
| 4 | तुला | वृश्चिक | री |
विवाह मिलान में चित्रा
गुण मिलान में चित्रा से राक्षस गण, बाघ (व्याघ्र) योनि और मध्य (पित्त) नाड़ी आती है। एक ही नाड़ी (भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा भाद्रपद) वाले वर-वधू को नाड़ी में 0 अंक मिलते हैं, जिसे नाड़ी दोष कहते हैं, जब तक उसका परिहार न हो।
दक्षिण भारतीय पोरुथम में चित्रा शिरो (सिर) रज्जु में है, मृगशिरा, धनिष्ठा के साथ; एक ही रज्जु के भीतर के मिलान बहुत सावधानी से जांचे जाते हैं।
| आर्द्रा | 7–7.5/10 | 21–27/36 |
| मघा | 7–7.5/10 | 22.5–25.5/36 |
| आश्लेषा | 6/10 | 26.5–27/36 |
| मूल | 5.5/10 | 28/36 |
| विशाखा | 4.5–5.5/10 | 24.5–34.5/36 |
| कृत्तिका | 6.5/10 | 19–28.5/36 |
सवाल-जवाब
चित्रा नक्षत्र किस राशि में है?
चित्रा कन्या, तुला राशि में आता है।
चित्रा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
चित्रा का स्वामी मंगल है, इसलिए इसमें जन्मे लोगों का जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है, जो 7 वर्ष की अवधि है। इसके अधिदेवता त्वष्टा, दिव्य शिल्पी हैं।
चित्रा के गण, योनि और नाड़ी क्या हैं?
चित्रा राक्षस गण, बाघ (व्याघ्र) योनि और मध्य (पित्त) नाड़ी का नक्षत्र है। विवाह मिलान में इनकी तुलना की जाती है।